Makar Sankranti 2023: आखिर क्यों मनाया जाता है मकर संक्रांति का त्यौहार? जाने मकर संक्रांति का इतिहास, कारण, और पौराणिक महत्व...

Makar Sankranti 2023: जानिये मकर संक्रांति का त्यौहार क्यों मनाया जाता है? क्या है मकर संक्रांति त्यौहार मनाने के पीछे की कहानी? क्या है मकर संक्रांति पर्व का महत्व |Why Makar Sankranti is celebrated in Hindi? Importance of Makar Sankranti in Hindi

 

पुराणों के अनुसार सूर्य जब दक्षिणायन में रहते हैं तो उस अवधि को देवताओं की रात्रि कहा जाता है तथा उत्तरायण के छह माह को दिन कहा जाता है. दक्षिणायन को नकारात्मकता और अंधकार का प्रतीक तथा उत्तरायण को सकारात्मकता और प्रकाश का प्रतीक माना गया है. माना जाता है की 14 जनवरी ऐसा दिन है, जब धरती पर अच्छे दिन की शुरुआत होती है. क्योंकी इस दिन सूर्य दक्षिण के बजाय अब उत्तर को गमन करने लग जाता है.


सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में जाने को ही संक्रांति कहते हैं. एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति के बीच का समय ही सौर मास है. वैसे तो सूर्य संक्रांति 12 हैं, लेकिन इनमें से चार संक्रांति महत्वपूर्ण हैं जिनमें मेष, कर्क, तुला, मकर संक्रांति हैं. सूर्य (Sun) जब धनु राशि (Sagittarius) से निकलकर मकर राशि (Capricorn) में प्रवेश करता है, तो उसे मकर संक्रांति कहते हैं. मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त में गंगा स्नान, दान और पुण्य के शुभ समय का विशेष महत्व है.


वैसे तो हम सभी हर साल 14 जनुअरी (इस वर्ष 14 जनवरी) को मकर संक्रांति का त्यौहार बड़े ही धूम धाम से मनाते है. हम सभी खूब एन्जॉय भी करते है. लेकिन हमसे से कई लोगो को यह नहीं पता होगा की आखिर मकर संक्रांति क्यों मनाया जाता है? हममे से कई लोगो को मकर संक्रांति के इतिहास और इसके महत्व के बारे में नहीं मालुम होगा. आज हम इस लेख के जरिये आप को मकर संक्रांति से जुड़े सभी सवालो से अवगत कराएँगे. इस लेख में हम मकर संक्रांति के इतिहास के बारे में जानेंगे. यह भी जानेंगे की आखिर मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है?, मकर संक्रांति त्यौहार की शुरुआत कैसे हुई?, मकर संक्रांति त्यौहार कब मनाई जाती है?, मकर संक्रांति त्यौहार कैसे मनाई जाती है?, मकर संक्रांति त्यौहार क्यों मनाई जाता है? क्या है मकर संक्रांति का महत्व?


मकर संक्रांति त्यौहार क्यों मनाया जाता है? | Why is Makar Sankranti celebrated in Hindi?
मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाये | Happy Makar Sankranti


मकर संक्रांति 2023 | Makar Sankranti 2023


भारत प्राचीन काल से ही त्योहारों का देश माना जाता है. भारत राष्ट्र में हर साल सैकड़ो त्यौहार मनाये जाते है. इन सभी त्योहारों के पीछे सिर्फ परंपरा या धार्मिक बातें नहीं होती है, बल्कि हर एक त्यौहार के पीछे छुपी होती है ज्ञान, विज्ञान, कुदरत, स्वास्थ्य और आयुर्वेद से जुड़ी तमाम बातें. इसीमे एक है मकर संक्रांति. हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाये जाने वाला त्यौहार मकर संक्रांति पौष मास में सूर्य से मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है. 


मकर संक्रांति पर्व भारत के अलग-अलग राज्यों, शहरों और गांवों में वहां की परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है. मकर संक्रांति का नाम भी कुछ राज्यों में अलग है. इसी दिन से अलग-अलग राज्यों में गंगा नदी के किनारे माघ मेला या गंगा स्नान का आयोजन किया जाता है. कुंभ के पहले स्नान की शुरुआत भी इसी दिन से होती है. मकर में सूर्य के प्रवेश से दिन बड़ा तो रात छोटी हो जाती है. इसलिए इस दिन से दिन बड़ा होने लगता है. मकर संक्रांति के दिन ही पोंगल, भोगली बिहू और उत्तरायणी भी मनाया जाता है. इसके एक दिन पहले लोहड़ी मनाई जाती है.


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मकर संक्रांति कब मनाया जाता है? | When is Makar Sankranti celebrated in Hindi?


मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाया जाता है. कुछ स्थानों पर यह 15 जनवरी को मानते है. हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाये जाने वाला मकर संक्रांति पौष मास में सूर्य से मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है.


मकर संक्रांति त्यौहार क्यों मनाया जाता है? | Why is Makar Sankranti celebrated in Hindi?


मकर संक्रांति त्यौहार क्यों मनाया जाता है? | Why is Makar Sankranti celebrated in Hindi?


[MakarSankranti kyo manate hai? | Why makarsankranti is celebrated in hindi?] => पुराणों के अनुसार जब सूर्य दक्षिणायन में रहता हैं तो उस अवधि को देवताओं की रात्रि कहा जाता है तथा उत्तरायण के छह माह को दिन कहा जाता है. दक्षिणायन को नकारात्मकता और अंधकार का प्रतीक तथा उत्तरायण को सकारात्मकता और प्रकाश का प्रतीक माना गया है. माना जाता है की 14 जनवरी ऐसा दिन है, जब धरती पर अच्छे दिन की शुरुआत होती है. क्योंकी इस दिन सूर्य दक्षिण के बजाय अब उत्तर को गमन करने लग जाता है.


सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में जाने को ही संक्रांति कहते हैं. वैसे तो सूर्य संक्रांति 12 हैं, लेकिन इनमें से चार संक्रांति महत्वपूर्ण हैं जिनमें मेष, कर्क, तुला, मकर संक्रांति हैं. सूर्य (Sun) जब धनु राशि (Sagittarius) से निकलकर मकर राशि (Capricorn) में प्रवेश करता है, तो उसे मकर संक्रांति कहते हैं. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब मकर संक्रांति मनाई जाती है. खगोलशास्त्र के मुताबिक सूर्य जब दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं, या पृथ्वी का उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर मुड़ जाता है उस दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है. मकर संक्रांति हर वर्ष 14 या 15 जनवरी को पड़ती है. 


मकर संक्रांति कैसे मनाते है? | How Makar Sankranti is Celebrated in Hindi?


[MakarSankranti kaise manate hai? | How is makarsankranti celebrated in hindi?] => मकरसंक्रांति के शुभ मुहूर्त में स्नान, दान, व पूण्य का विशेष महत्व है. इसके एक दिन पहले लोग अपटन या आयुर्वेदिक लेप लगाते है. फिर दूसरे किसी पवित्र नदी में स्नान करते है. इसके बाद भगवान् सूर्य को जल अर्पित करने के बाद उनकी पूजा अर्चना की जाती हैं और अपने इच्छा पूर्ति के लिए प्रार्थना करते है. इसके बाद दान धर्म आदि किया जाता है. 


इस दिन लोग खिचड़ी बनाकर भी भगवान सूर्यदेव को भोग लगाते हैं, और खिचड़ी का दान तो विशेष रूप से किया जाता है. जिस कारण मकर संक्रांति को खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन तीली गुड़ से बने व्यंजन का सेवन किया जाता है. मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने की भी परंपरा है. कई स्थानों पर इसके लिए प्रतियोगिता रखी जाती है. इसके अलावा इस दिन को अलग अलग शहरों, राज्यों में अपने अलग अलग तरीकों से मनाया जाता है. इस दिन किसानों के द्वारा फसल भी काटी जाती हैं.


मकर संक्रांति का महत्व | Makar Sankranti Significance in Hindi


  • मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गुड़ और तिल लगाकर नर्मदा में स्नान करना लाभदायी होता है. 
  • मकर संक्रांति के दिन, सूर्योदय से सूर्यास्त तक पर्यावरण अधिक चैतन्य रहता है. इस दिन आध्यात्मिक अभ्यास करने, ध्यान लगाने, योग करने से अध्यात्मिक भावना बढ़ती है और मन को शांति प्राप्त होती है.
  • मकर संक्रांति त्यौहार सभी को अँधेरे से रोशनी की तरफ बढ़ने की प्रेरणा देता है. एक नए तरीके से काम शुरू करने का प्रतीक है. इस अवधि के दौरान किये गए कामों में सफल परिणाम प्राप्त होते है.
  • समाज में धर्म और आध्यात्मिकता को फ़ैलाने का यह धार्मिक समय होता है.
  • मकर संक्रांति त्यौहार सभी को अँधेरे से रोशनी की तरफ बढ़ने की प्रेरणा देता है. एक नए तरीके से काम शुरू करने का प्रतीक है.
  • मकर संक्रांति किसानों के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण होती है, इसी दिन सभी किसान अपनी फसल करना प्रारम्भ करते है. 

मकर संक्रांति त्यौहार क्यों मनाया जाता है? | Why is Makar Sankranti celebrated in Hindi?


आइये जानते है की मकर संक्रांति भारत के विभिन्न राज्यों किन अलग अलग नामो से जाना जाता है? | By what different names is Makar Sankranti known in different states of India in hindi?


भारत वर्ष में मकर संक्रांति प्रत्येक राज्य में बहुत हर्षौल्लास से मनाया जाता है. लेकिन इसे सभी अलग अलग जगह पर अलग नाम और परंपरा से मनाया जाता है. जो की भारत में त्यौहार और संस्कृति की अनेकता की एकता दिखाता है. आइये जानते है मकर संक्रांति किस राज्य में किस अलग नाम से जाना व मनाया जाता है ...

उत्तर प्रदेश (UttarPradesh): उत्तर प्रदेश और बिहार में मकर संक्रांति को खिचड़ी का त्यौहार कहा जाता है. इस दिन भगवान सूर्य की पूजा की जाती है. पवित्र नदियों में डुबकी लगाना बहुत शुभ माना जाता है. चावल और दाल की खिचड़ी खाई और दान की जाती है. तिल और गुण के दान की परंपरा भी है.

गुजरात (Gujrat): गुजरात और राजस्थान में मकर संक्रांति को उत्तरायण पर्व के रूप में मनाया जाता है. इस दिन दोनों ही राज्यों में बड़े धूम से पतंग उत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमे वहां के बहुत से लोग बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते है. गुजरात में यह एक बहुत बड़ा त्यौहार है. इस दौरान वहां पर 2 दिन का राष्ट्रीय अवकाश भी होता है.

आंध्रप्रदेश (AandhraPradesh): कर्नाटक और आंधप्रदेश में मकर संक्रमामा नाम से मानते है. जिसे यहाँ 3 दिन का त्यौहार पोंगल के रूप में मनाते हैं. इस दिन घी में दालण्चावल की खिचड़ी पकाई और खिलाई जाती है. यह आंध्रप्रदेश के लोगों के लिए बहुत बड़ा इवेंट होता है. तेलुगू इसे 'पेंडा पाँदुगा' कहते है जिसका अर्थ होता है, बड़ा उत्सव.

महाराष्ट्र (Maharashtra): महाराष्ट्र में भी इसे मकर संक्रांति या संक्रांति के नाम से मनाया जाता है. संक्रांति के दिन महाराष्ट्र में टिल और गुड़ से बने व्यंजन का आदान प्रदान किया जाता है. लोग तिल के लड्डू देते हुए एक – दूसरे से 'टिल-गुल घ्या, गोड गोड बोला' बोलते है. इस त्यौहार में महाराष्ट्र में महिलाओं के लिए विशेष दिन होता है. यहाँ वे 'हल्दी कुमकुम' नाम से मेहमानों को आमंत्रित करती है और उन्हें भेंट में कुछ बर्तन देती हैं.

पश्चिम बंगाल (WestBengal): पश्चिम बंगाल में मकर संक्रांति के दिन हुगली नदी पर गंगा सागर मेले का आयोजन किया जाता है. माना जाता है कि राजा भागीरथ के साठ हजार पूर्वजों की रख को त्याग दिया गया था और गंगा नदी में नीचे के क्षेत्र डुबकी लगाई गई थी. इस मेले में देश भर से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री भाग लेते हैं.

तमिलनाडु (Tamilnadu): तमिलनाडु मकर संक्रांति को पोंगल त्यौहार के नाम से मनाते है, जोकि किसानों के फसल काटने वाले दिन की शुरुआत के लिए मनाया जाता है.

बुंदेलखंड (BundelKhand): बुंदेलखंड में विशेष कर मध्यप्रदेश में मकर संक्रांति के त्यौहार को सकरात नाम से जाना जाता है.

केरल (Keral): केरल में मकर संक्रांति को लोग बड़े त्यौहार के रूप में 40 दिनों का अनुष्ठान करते है, जोकि सबरीमाला में समाप्त होता है.

हरियाणा (Hariyana): हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में मकर संक्रांति को मगही नाम से मनाया जाता है.

पंजाब (Panjab): पंजाब में मकर संक्रांति को लोहड़ी नाम से मनाया जाता है.

असम (Aasam): माघ बिहू असम के गाँव में मनाया जाता है.

कश्मीर (Kashmir): कश्मीर में मकर संक्रांति को शिशुर सेंक्रांत नाम से जानते है.


मकर संक्रांति से जुड़े सवाल और उनके जवाब | Most frequently asked questions about Makar Sankranti in Hindi


मकर संक्रांति वर्ष 2023 में कब है? | When is Makar Sankranti in the year 2023?

मकर संक्रांति वर्ष 2023 में 15 जनवरी को है. मकर संक्रांति प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को मनाई जाती है, परन्तु इस साल उपलब्ध जानकारी के अनुसार मकर संक्रांति का त्यौहार 15 जनवरी को मनाई जाएगी.


मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त क्या है 2023? | What is the auspicious time of Makar Sankranti?

ग्रहों के राजा सूर्य 14 जनवरी 2023 की रात 8 बजकर 21 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. ऐसे में इस प्रकार मकर संक्रांति इस वर्ष में 15 जनवरी 2023 को मनाई जाएगी. इस वर्ष 2023 में मकर संक्रांति का पुण्य काल सुबह 07 बजकर 15 मिनट से शुरू हो रहा है, तथा शाम 07 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा.


मकर संक्रांति और किन किन नामो से जाना जाता है? | What are other names of Makar Sankranti in different state?

हर राज्य में मकर संक्रांति को अलग अलग नामो से जाना जाता है. मकर संक्रांति को ही पोंगल, मगही, लोहड़ी, भोगली बिहू और उत्तरायणी कहा जाता है. 


मकर संक्रांति में किसकी पूजा की जाती है? | Who is worshiped on Makar Sankranti?

मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य की पूजा की जाती है. बहुत से स्थानों पे मकर संक्रांति के दिन भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है.


मकरसंक्रांति कैसे मनाते है? | How is MakarSankranti is celebrated in hindi?

मकर संक्रांति काफी प्रसिद्ध है और हर साल बहुत से लोग इसे मनाते हैं. यह त्यौहार धार्मिक, सांस्कृतिक और संस्कृतिक परिचय के साथ मनाया जाता है. इसमें लोग भगवान शिव की पूजा करते हैं और उनकी आराधना करते हैं. इसके अलावा, लोग अपने घरों, मंदिरों और मंडपों में भगवान शिव की मूर्तियों को स्थापित करते हैं और उन्हें धूप, दीपक और फूल से सजाते हैं. मकर संक्रांति में लोग भी खास भोजन बनाते हैं, जैसे कि हलवा, मूंगफली और गुड़ के आटे से बने विभिन्न व्यंजनों को. मकर संक्रांति में लोग संगीत और नाच का भी आनंद लेते हैं.


मकरसंक्रांति 2023 वाहन क्या है? | What is MakarSankranti 2023 vehicle in hindi?

इस वर्ष 2023 में मकरसंक्रांति का वाहन Tiger यानि बाघ है.


मकर संक्रांति में किस चीज का भोग लगता है ? | What is offered in Makar Sankranti in hindi?

मकर संक्रांति के दिन तिल एवं गुड का सेवन करना अच्छा माना जाता है. मकर संक्रांति में लोग खास भोजन बनाते हैं, जैसे कि हलवा, मूंगफली और गुड़ के आटे से बने विभिन्न व्यंजनों को. मकर संक्रांति में लोग संगीत और नाच का भी आनंद लेते हैं.


मकरसंक्रांति के त्यौहार में क्या खाते है? | What is eaten in the festival of Makarsankranti in hindi?

मकरसंक्रांति में भारत में विभिन्न रूपों में भरपूर भोजन परिचय होता है, जैसे कि मूंगफली, चावल, दाल, संतरा, अनाज, गोभी और मिठाईयां. इनमें से अधिकांश में तैयार होने वाली खाद्य पदार्थों में शुद्धावस्था होती है, जैसे कि प्राईवेटिंग चावल, अरहर दाल, सरसों तेल और बेसन. इसके अलावा, मकरसंक्रांति में सुबह-सुबह स्वादिष्ट मूंगफली चाय और छोले की भरपूर खानपान होती है. इसके साथ काले तिल और गुड़ के लड्डू बनाकर खाए जाते है.  लड़ुआ, धूड़ी, चिक्की, चूड़ा, गुड़, गट्टा आदि का सेवन किया जाता है.


मकर संक्रांति के दिन क्या दान में दिया जाता है? | What is donated on the day of Makar Sankranti in hindi?

मकर संक्रांति के दिन काली दाल, चावल, घी, नमक, गुड़ और काले तिल आदि दान में दिए जाते हैं.




उपरोक्त लेख में आज हमने मकर संक्रांति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी तथा मकर संक्रांति से जुड़े महत्वपूर्ण और रोचक सवालो और जवाबो को जाना. उपरोक्त लेख में हमने मकर संक्रांति के इतिहास के बारे में जाना. यह भी जाना की आखिर मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है?, मकर संक्रांति त्यौहार की शुरुआत कैसे हुई?, मकर संक्रांति त्यौहार कब मनाई जाती है?, मकर संक्रांति त्यौहार कैसे मनाई जाती है?, मकर संक्रांति त्यौहार क्यों मनाई जाता है? क्या है मकर संक्रांति का महत्व?


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