Republic Day 2022 : आखिर 26 जनवरी को ही आखिर क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस, जानें इस दिन से जुड़ी ख़ास बातें, इतिहास, महत्व

Republic Day 2022 : गणतंत्र दिवस क्‍यों मनाया जाता है, जानें इस दिन से जुड़ी अहम बातें, इतिहास, महत्व | Why is Republic Day celebrated on 26th January only, know about Republic Day, history, importance in Hindi


हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है. 26 जनवरी के दिन पुरे देश में हर्ष उल्लास का माहौल रहता है. देश के हर स्कूल, कॉलेज, मुख्य स्थानों तथा चौराहो पर तिरंगा फहराया जाता है. इस मौके पर राजधानी दिल्ली के राजपथ पर भव्य परेड और झाकियों का आयोजन किया जाता है. इस साल 2022 में देश में 73वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा.

प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाया जाता है. परन्तु बहुत से लोगो को यह मालुम नहीं होगा की आखिर 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है. क्यों गणतंत्र दिवस मनाने के लिए कोई और दिन तारीख का चयन नहीं किया गया. आज हम इस लेख में गणतंत्र दिवस से जुड़े सभी सवालो और उनके जवाबो को जानेंगे. जैसे की हम गणतंत्र दिवस क्यों मनाते हैं?, 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है?, गणतंत्र दिवस कैसे मनाया जाता है?, गणतंत्र दिवस का इतिहास क्या है? इत्यादि. 

गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है? Why do we celebrate Republic Day?
गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है?
Why do we celebrate Republic Day?


गणतंत्र दिवस | 26 जनवरी | Republic Day


गणतंत्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है. हम हर साल 26 जनवरी को बड़े ही हर्ष और उत्साह के साथ मनाते है. आजादी के बाद भारत में 26 जनवरी 1950 को सविधान लागू हुआ था. जिसके बाद 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है. देश का पहला गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को मनाया गया था. जिसके बाद हर साल इस दिन को बड़े ही हर्षोउल्लास और खुशी के साथ मनाया जाता है. 

वर्ष 2022 में भारत अपना 73वां गणतंत्र दिवस (Republic Day) मना रहा है. 26 january को गणतंत्र दिवस (Republic Day) समारोह पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारतीय राष्ट्र ध्वज को फहराया जाता है और इसके बाद सामूहिक रूप में खड़े होकर राष्ट्रगान गाया जाता है. गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर दिल्ली के इंडिया गेट पर भव्य परेड का आयोजन किया जाता है. जिसमें देश की तीनों सेना (थल सेना, नौ सेना, वायु सेना) का दल भाग लेता है. इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की झलक दिखाती हुई झांकियों का भी प्रदर्शन किया जाता है.  

गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है? | Why is Republic Day celebrated in Hindi?


आजादी के बाद भारत में 26 जनवरी 1950 को सविधान लागू हुआ था. देश में संविधान की स्थापना दिवस के रूप में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है. इस दिन भारत में भारत सरकार अधिनियम (1935) को निरस्त कर नए सविंधान लागू करते हुए नए संविधान को पारित कर दिया था. उसी के बाद से हर साल 26 जनवरी के दिन को राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाया जाता है. देश का पहला गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को मनाया गया था. जिसके बाद हर साल इसे बड़े ही हर्षोउल्लास और खुशी के साथ मनाया जाता है. इस साल देश में 73 वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा.
गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है? Why do we celebrate Republic Day?
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
Happy Republic Day

26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस क्यों मनाई जाती है? | 26 जनवरी तारीख का भारत के इतिहास में महत्व | Why Republic Day is celebrated on 26th January? | 26 January History in Hindi


भारत के स्वतंत्र होने के कई वर्ष पहले ही इसकी शुरुआत कर दी गई थी. कितने लोगो को अपनी जान की बाजी लगनी पड़ी. कितने जेल गए, कितनो के घर बिखर गए. भारत के संविधान की बात करे तो सबसे पहले पहले 26 जनवरी 1929 को लाहौर कांग्रेस अधिवेशन में भारत को पूर्ण गणराज्य का दर्जा दिलाने का प्रस्ताव पेश किया गया था, जिसे अंग्रेजों ने नामंजूर कर दिया था. इसके बाद 26 जनवरी 1930 को कांग्रेस ने भारत को पूर्ण गणराज्य की घोषणा कर दी थी. 

अंततः अंग्रेजी हुकूमत के साथ संघर्ष करते हुए साल 1947 को भारत को एक आजाद देश बनाया जा सका था. इसके बाद हमारे देश को किस तरह चलाया जाए, इसके लिए संविधान तैयार किया गया और इसको तैयार करने में डॉ बाबासाहेब अंबेडकर जी की एक अहम भूमिका रही थी. संविधान निर्माण की शुरुआत 9 दिसंबर 1946 को हुई थी जिसे बनने में कुल 2 साल 11 महीने और 18 दिन लग गए. 26 नवंबर 1949 को संविधान को सभापति को सौंप दिया गया, डॉ. भीमराव आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे. जिसके बाद 26 जनवरी 1950 को इसे आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया. इसलिए 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में चुना गया क्योंकि 26 जनवरी 1929 को पहली बार भारत को पूर्ण गणराज्य का प्रस्ताव पेश किया गया था. 

पहली बार 26 जनवरी को ही भारत को पूर्ण गणराज्य घोषित किया गया था. इसलिए 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस के रूप में मनाई जाती है. 26 जनवरी के दिन देश में पूरी तरह से लोकतंत्र लागू हुआ. इसके अलावा हमारे देश का राष्ट्रिय ध्वज भी 26 जनवरी को ही में में लागू हुआ था. साथ ही हमारे देश भारत के राष्ट्रगान "जन गण मन" को भी 26 जनवरी के दिन ही अप्लाई किया गया था. वैसे मान्यता पहले से थी लेकिन 26 जनवरी को ये हमारे देश का राष्ट्रगान के रूप में घोषित किया गया था.

गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) कैसे मनाया जाता है? | How is Republic Day (26 January) celebrated in Hindi?


26 जनवरी के दिन भारत में राष्ट्रीय पर्व मनाया जाता है. इस दिन सभी स्कूल, कॉलेज, बैंक, सरकारी दफ्तरों में छुट्टी होती है. स्कूल, कॉलेज में तिरंगा फहराया जाता है. देश के महत्वपूर्ण स्थानों पर भी तिरंगा फहराया जाता है. गणतंत्र दिवस के अवसर पर कई जगहों पर मिठाईया, चॉकलेट आदि वितरित किये जाते है. देश में सभी लोग भक्ति भावना में तल्लीन रहते है.

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic Day) समारोह पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारतीय राष्ट्र ध्वज को फहराया जाता है और इसके बाद सामूहिक रूप में खड़े होकर राष्ट्रगान गाया जाता है. भारत के सभी राज्यों में वहां के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य नेता आदि सभी अपने अपने निवास स्थान पर तिरंगा फहराते है.

गणतंत्र दिवस (Republic Day) के मौके पर हर साल राजपथ पर सेना के अदम्य शौर्य का प्रदर्शन किया जाता है. जिसमें देश की तीनों सेना (थल सेना, नौ सेना, वायु सेना) का दल भाग लेता है. भारत की तीनों सेनाएं इस मौके पर दुनिया को भारत की ताकत का एहसास कराती हैं. इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की झलक दिखाती हुई सांस्कृतिक झांकियों का भी प्रदर्शन किया जाता है, जिसके जरिए यह बताने की कोशिश की जाती है कि विविधता में एकता ही भारत की पहचान है.


गणतंत्र दिवस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब | Frequently asked questions about Republic Day in Hindi 


गणराज्य अथवा गणतंत्र से आप क्या समझते हैं?
गणराज्य या गणतंत्र सरकार का एक रूप है जिसमें देश को एक "सार्वजनिक मामला" माना जाता है, न कि शासकों की निजी संस्था या सम्पत्ति. एक गणराज्य के भीतर सत्ता के प्राथमिक पद विरासत में नहीं मिलते हैं. यह सरकार का एक रूप है जिसके अन्तर्गत राज्य का प्रमुख राजा नहीं होता, अपितु यह निर्धारित समय पर चुनाव कर लोगो द्वारा चुने व्यक्ति देश को चलाते है.

गणतंत्र दिवस (Republic Day) के लिए 26 जनवरी का दिन ही क्यों चुना गया?
26 जनवरी (Republic Day) के दिन हमारा पूरा देश संविधान के अधीन आया था. वहीं संविधान को 26 जनवरी दिन इसलिए प्रभावी किया गया था, क्योंकि इस दिन साल 1930 में कांग्रेस ने भारत को ‘पूर्ण स्वराज’ दिलाने की घोषणा की थी. जिसके बाद अंग्रेजी हुकूमत के साथ संघर्ष करते हुए साल 1947 को भारत को एक आजाद देश बनाया जा सका था.

गणतंत्र दिवस का मतलब क्या है?
गणतंत्र दिवस (Republic Day) भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है.

गणतंत्र दिवस को कितने साल हुए?
26 जनवरी (Republic Day) का दिन भारत में प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस (Republic Day) के रूप में मनाया जाता है. इस साल वर्ष 2022 में देश 73वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. यानी वर्ष 2022 में गणतंत्र दिवस को 73 साल हो जायेंगे. 

गणतंत्र दिवस कब मनाया जाता है. 
गणतंत्र दिवस (Republic Day) प्रति वर्ष 26 जनवरी के दिन मनाया जाता है.

गणतंत्र दिवस (Republic Day) का दूसरा नाम क्या है?
गणतंत्र दिवस का दूसरा नाम अंग्रेजी में Republic Day है. हम गणतंत्र दिवस को 26 जनवरी के नाम से भी जानते है.

पहली बार गणतंत्र दिवस (Republic Day) कब मनाया गया था? | गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाने की परंपरा किसने शुरू की थी?
देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने 26 जनवरी 1950 को 21 तोपों की सलामी के साथ ध्वजारोहण कर भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया था. तत्पश्चात प्रत्येक वर्ष इस दिन को गणतंत्र दिवस (Republic Day) के रूप में मनाया जाता है.

ध्वजारोहण एवं झंडा फहराने में क्या अंतर है?
स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले पर ध्वज को ऊपर की तरफ खींचकर फहराया जाता है और इसको ध्वजारोहण कहते हैं. दूसरी तरफ गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज ऊपर बंधा रहता है, और उसको खोलकर फहराते हैं और इसे झंडा फहराना कहा जाता है.

15 अगस्त और 26 जनवरी के झंडा फहराने में क्या अंतर है?
स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण लाल किले से किया जाता है, जबकि 26 जनवरी को झंडा राजपथ पर फहराया जाता है. स्वतंत्रता दिवस पर देश के प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करते हैं, जबकि 26 जनवरी को राष्ट्रपति ध्वज फहराते हैं.

15 अगस्त और 26 जनवरी में क्या अंतर है?
15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को लाल किले की प्राचीर से देश के प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं. जबकि गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर राजपथ पर राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं. 

गणतंत्र दिवस (Republic Day) और स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) में क्या अंतर है?
गणतंत्र दिवस के दिन भारत का संविधान लागू हुआ था, जबकि स्वतंत्रता दिवस के दिन भारत को अंग्रेजी की लंबी गुलामी से आजादी मिली थी. इसलिए प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है.

लाल किले पर झंडा कौन फहराता है?
स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रधानमंत्री लाल किले पर झंडा फहराते हैं. तिरंगा फहराने के बाद देश के प्रधानमंत्री आमजन को संबोधित करते हैं.

देश में पहली बार लाल किले पर तिरंगा कब फहराया गया था?
15 अगस्त, 1947 को लालकिले पर पहली बार तिरंगा फहराया गया था. उस वक्त देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले से तिरंगा फहराया था. 

26 जनवरी और 15 अगस्त (Republic Day) क्यों मनाया जाता है?
15 अगस्त को हमारी आजादी का जश्न मनाया जाता है. शहीदों को याद किया जाता है. वहीं, 26 जनवरी हमें संविधान और लोकतंत्र की अहमियत बताती है. 

नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस अवसर पर भव्य परेड की सलामी कौन लेता है?
राष्ट्रपति

भारत ने अपना पहला गणतंत्र दिवस (Republic Day) कब मनाया?
भारत ने अपना पहला गणतंत्र दिवस वर्ष 1950 में मनाया था.

इस साल 2022 में हम कौन सा गणतंत्र दिवस (Republic Day) मना रहे हैं?
भारत ने अपना पहला गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 में मनाया था. इस हिसाब से 2022 में 73वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है.

26 जनवरी, 1950 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने तिरंगा कहां फहराया था?
इरविन स्टेडियम (अब मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम)


Topic covered

गणतंत्र दिवस क्या है? | 26 जनवरी क्यों मनाते है? | गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है? | गणतंत्र दिवस कब मनाया जाता है? | गणतंत्र दिवस कैसे मनाया जाता है? | गणतंत्र दिवस का इतिहास क्या है? | गणतंत्र दिवस से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब

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