1 Bharat Shreshtha Bharat Success: 'मेक इन इंडिया' को बड़ी कामयाबी, मारीशस को उन्नत हल्के हेलीकॉप्टरों ALH Mk III का निर्यात करेगा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)

1 Bharat Shreshtha Bharat Success Story: उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ALH Mk-III Deal के निर्यात के लिए मॉरीशस से अहम समझौता, जानिए इसकी खासियत 


भारत अब बदल चूका है. ये नया भारत है. भारत प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है. कल तक भारत को हथियार बेचने वाले देश अब खरीद भी रहे है. इसी क्रम में मॉरीशस सरकार ने भारत से अपने रक्षा सम्बन्धो को आगे बढ़ाते हुए नए समझौते किये है.

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited HAL) ने मॉरीशस सरकार के साथ उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (ALH Mk III) के निर्यात के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं. इसका इस्‍तेमाल मॉरीशस पुलिस बल करेंगे. इस अनुबंध के साथ ही एचएएल और मॉरीशस सरकार ने तीन दशकों में लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक संबंधों को और मजबूत किया है. आइये जानते है क्या होता है ALH Mk III हेलीकॉप्टर? और क्या है इसकी खासियत?

उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ALH Mk-III Deal का निर्यात

उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ALH Mk-III Deal का निर्यात | Export of Advanced Light Helicopters ALH Mk-III Deal


मित्र देशों को रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के केंद्र सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने द्वीप राष्ट्र के साथ हर संभव मदद व साझेदारी बढ़ा रहा है. जो की रक्षा क्षेत्र में बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited, HAL) ने मॉरीशस सरकार के साथ उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (ALH Mk III) के निर्यात के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं. इसका इस्‍तेमाल मॉरीशस के पुलिस बल करेंगे. 

मॉरीशस सरकार पहले से ही हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड निर्मित एएलएच और डीओ-228 विमान संचालित कर रही है. एचएएल ने अपने बयान में कहा कि इस अनुबंध के साथ एचएएल और मॉरीशस सरकार ने तीन दशकों में लंबे समय से चले आ रहे अपने व्यापारिक संबंधों को और मजबूत किया है.

हेलीकॉप्टर की खासियत | Features of Helicopter


हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited, HAL) के बनाए इस हेलिकाप्‍टर ने भारत और विदेशों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान कई जीवन रक्षक मिशनों सहित विभिन्न उपयोगिता भूमिका में अपनी योग्यता साबित की है. एचएएल के अनुसार ALH Mk-III 5.5 टन श्रेणी का एक से अधिक भूमिका वाला, बहु-मिशन बहुमुखी हेलीकॉप्टर है. अब तक इस तरह के 335 से अधिक एएलएच हेलिकाप्‍टरों का उत्पादन किया जा चुका है. बयान में कहा गया है कि एचएएल हेलि‍कॉप्टर की सेवाक्षमता को सुनिश्चित करने के लिए ग्राहकों को तकनीकी सहायता भी सुनिश्चित करता है. अधिकारियों के अनुसार लगभग 3,40,000 उड़ान घंटों में अब तक 335 से अधिक एएलएच (ALH) का उत्पादन किया जा चुका है.

मेक इन इंडिया और 1 भारत श्रेष्ठ भारत में बढ़त | Boost to Make in India and 1 Bharat Shreshtha Bharat


भारत सरकार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के साथ साथ मेक इन इंडिया अभियान को भी बढ़ावा दे रही है. सरकार की रक्षा निर्यात बढ़ाने की योजनाओं को लगातार सफलताएं मिल रही हैं. हाल ही में फिलीपींस ने भारतीय ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के 37.49 करोड़ अमेरिकी डालर (2779 करोड़ रुपये) के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. फिलीपींस सरकार के रक्षा विभाग ने अपनी वेबसाइट पर उक्‍त अनुबंध के नोटिस को अपलोड किया था. दरअसल रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) और ब्रह्माोस एयरोस्पेस पिछले कुछ महीनों से मित्र देशों को इस मिसाइल का निर्यात करने में जुटे थे.

भारत लगातार रक्षा और तकनीक क्षेत्र में आगे कदम बढ़ा रहा है. ब्रह्माोस के निर्यात से देश के रक्षा क्षेत्र में स्‍वदेशी अभियान को बड़ी मजबूती मिलेगी. इससे हथियार निर्यातक देशों की कतार में भारत भी तेजी से आगे बढ़ेगगा. इससे अन्य मित्र राष्ट्रों से भी मिसाइल के लिए आर्डर मिलने की उम्मीद है. साथ ही उनसे सम्बन्ध भी नए आयाम पर पहुंचेंगे.

आज भारत हर क्षेत्र में चाहे वह रक्षा क्षेत्र हो या मेडिकल क्षेत्र, हर जगह आगे बढ़ रहा है. आईटी क्षेत्र और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत का डंका विश्व भर में बजता है. आज भारत बदल चूका है. नए सड़के, अस्पताल, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज आदि बनाये जा रहे है. भारत मेक इन इंडिया और वोकल फॉर वोकल को भी आगे बढ़ा रहा है. इसी के साथ भारत की 1 भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना भी नित नए आयाम छू रही है.

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