Ek Bharat Shreshtha Bharat 2021: लोकल गोज ग्लोबल प्रोग्राम - तकनीकी और वित्तीय कनेक्टिविटी से दुनिया छोटी होती जा रही है.

लोकल गोज ग्लोबल प्रोग्राम: PM Modi का लोकल गोज ग्लोबल प्रोग्राम ( Local Goes Global Program ), मोदी बोले आजादी का 75वां साल, भविष्य के भारत के लिए रोडमैप बनाने का मौका


शुक्रवार 6 अगस्त 2021 को लोकल गोज ग्लोबल प्रोग्राम, एक वर्चुअल (ऑनलाइन) कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तकनीकी और वित्तीय कनेक्टिविटी की वजह से दुनिया हर रोज और छोटी होती जा रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की आजादी का 75वां साल है, और हमारे पास भविष्य के भारत के लिए रोडमैप बनाने का मौका भी है.
इस कार्यक्रम का नाम लोकल गोज ग्लोबल प्रोग्राम ( Local Goes Global Program ) है. इसे ‘लोकल गोज ग्लोबल- मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ के तहत आयोजित किया जा रहा है. भारत सरकार के इस पहल से जहा एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान तथा आत्मनिर्भर भारत को बल मिलेगा वही दूसरी और रोजगार की संभावना भी बढ़ेगी.
Local Goes Global Program आजादी का ७५वां साल भविष्य के भारत के लिए रोडमैप बनाने का मौका
Local Goes Global Program
आजादी का 75वां साल भविष्य के भारत के लिए रोडमैप बनाने का मौका

प्रधानमंत्री मोदी का लोकल गोज ग्लोबल प्रोग्राम | PM Modi's Local Goes Global Program

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार ६ अगस्त २०२१ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये विदेशों में भारतीय मिशनों के प्रमुखों, ट्रेड और कॉमर्स सेक्टर से जुड़े लोगों तथा उच्च अधिकारीयों से बात की. उन्होंने कहा कि ये समय आजादी के 75वें साल में अपनी आजादी का जश्न मनाने का तो है ही, उसके साथ-साथ भविष्य के भारत के लिए एक क्लियर विजन और रोडमैप बनाने का मौका भी है. इसमें आप सभी साथियों की भागीदारी, पहल और रोल बहुत बड़ा है. कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तकनीकी और वित्तीय कनेक्टिविटी की वजह से दुनिया हर रोज और छोटी होती जा रही है. मोदी ने कहा की आजादी का 75वां साल है, और हमारे पास भविष्य के भारत के लिए रोडमैप बनाने का मौका भी है. 

इस प्रोग्राम को 'लोकल गोज ग्लोबल- मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड' के तहत आयोजित किया गया था. इस बातचीत का मकसद भारत के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के साथ ग्लोबल ट्रेड को भी बढ़ावा देना है. पीएमओ द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि एक्सपोर्ट बढ़ाकर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं. खासतौर पर एमएसएमई और ज्यादा लेबर डिमांडिंग सेक्टर में इसकी संभावनाएं ज्यादा हैं. इससे इकोनॉमिक ग्रोथ और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा. किस तरह ग्लोबल डिमांड को पूरा करने में किस तरह से स्थानीय क्षमताओं का उपयोग किया जा सकता है. भारत सरकार के इस पहल से जहा एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान तथा आत्मनिर्भर भारत को बल मिलेगा वही दूसरी और रोजगार की संभावना भी बढ़ेगी.

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कही गयी मुख्या बातें... | Key things said by PM Modi ...

  • तकनीकी और वित्तीय कनेक्टिविटी से दुनिया हर रोज और छोटी होती जा रही है. ऐसे में हमारे एक्सपोर्ट के विस्तार के लिए दुनियाभर में नई संभावनाएं बन रही हैं.
  • दुनिया के लगभग हर हिस्से के साथ हमारे ट्रेड लिंक और रूट भी रहे हैं. आज हम उसी ग्लोबल इकॉनमी में अपनी उस पुरानी हिस्सेदारी को वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं. तब भी हमारे निर्यात की भूमिका अहम है.
  • निर्यात बढ़ाने के लिए 4 घटक अहम हैं- देश में प्रोडक्शन कई गुना बढ़े, ट्रांसपोर्ट की लॉजिस्टिक की समस्या दूर हो, एक्सपोर्ट के साथ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर चले और भारतीय सामान के लिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मिले.
  • 7 साल पहले हम लगभग 8 बिलियन डॉलर के मोबाइल फोन बाहर से मंगवाते थे. अब यह घटकर 2 बिलियन डॉलर हो गया है. 7 साल पहले भारत सिर्फ 0.3 बिलियन डॉलर के मोबाइल का निर्यात करता था. यह अब 3 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा हो गया है.
  • अलग-अलग देशों में मौजूद इंडिया हाउस भारत की मैन्यूफैक्चरिंग पावर के भी प्रतिनिधि बनें. समय-समय पर आप भारत में यहां व्यवस्थाओं को अलर्ट करते रहेंगे, गाइड करते रहेंगे, तो इसका फायदा एक्सपोर्ट बढ़ाने में होगा.
  • ये समय ब्रांड इंडिया के लिए नए लक्ष्यों के साथ नए सफर का है. हमें ये कोशिश करना है कि दुनिया के कोने-कोने में भारत के हाई वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट की स्वाभाविक डिमांड पैदा हो.
  • भारत ने रेट्रोस्पेक्टिव टैक्सटेशन से मुक्ति का जो फैसला लिया है, वह हमारा कमिटमेंट दिखाता है, पॉलिसी में निरंतरता दिखाता है.

यह कार्यक्रम लोकल गोज ग्लोबल - मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड के तहत आयोजित किया गया था. इसमें प्रधानमंत्री मोदी सहित विदेश मंत्री एस जयशंकर और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, 20 से ज्यादा विभागों के सचिव, राज्य सरकार के अधिकारी, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल और चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य, विदेशों में भारतीय मिशनों के प्रमुख आदि शामिल हुए. 

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