World Population Day 2021: विश्व जनसंख्या दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

विश्व जनसंख्या दिवस 2021: जानिए कब और क्यों मनाई जाती है विश्व जनसंख्या दिवस. क्या है इसका प्रभाव और परिणाम?



World Population Day 2021: विश्व जनसंख्या दिवस (World Population Day) प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को दुनियाभर में मनाया जाता है. विश्व जनसंख्या दिवस मानाने का मुख्य कारण बढती हुई आबादी है. विश्व जनसंख्या दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगो में जनसंख्या वृद्धि से होनेवाले दुष्परिणाम के बारे में जागरूक करना है. 

जनसंख्या या आबादी किसी भी देश की ताकत मानी जाती है. परन्तु जब जनसंख्या वृद्धि अनियंत्रित हो जाती है तो जनसंख्या विस्पोट हो जाती है, जो किसी भी देश के लिए बुरे दुर्भाग्य का कारण बन सकती है. 

विश्व जनसंख्या दिवस 2021/ World Population Day 2021


विश्व जनसंख्या दिवस 2021 की हार्दिक शुभकामनाये/ Happy World Population Day 2021


जनसंख्या या आबादी किसी भी देश की ताकत मानी जाती है. परन्तु जब जनसंख्या वृद्धि अनियंत्रित हो जाती है तो जनसंख्या विस्पोट हो जाती है, जो किसी भी देश के लिए बुरे दुर्भाग्य का कारण बन सकती है. किसी भी देश में जनसँख्या विस्पोट के कारण वहां अशिक्षा, बेरोजगारी, भुखमरी, गरीबी बढती है. जिससे देश का और साथ ही परिवार को आर्थिक तथा सामाजिक समस्याओ को सामना करना पड़ता है. देश के संसाधनों तथा खनिजों पर दबाव बढ़ता है, जिसके वजह से महंगाई बढती है. देश का तंत्र ख़राब हो जाता है, जिससे देश को हर क्षेत्र में भारी नुकसान होता है.  

जनसँख्या वृद्धि को रोकने के लिए बहुत पहले से प्रयास किये जा रहे है. 11 जुलाई 1987 तक वैश्विक जनसंख्या का आंकड़ा 5 अरब के भी पार पहुंच चुका था. दुनिया भर के लोगों को बढ़ती आबादी के प्रति आवाज उठाना चालू किया और समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए इसे वैश्विक स्तर पर लाने का निर्णय लिया गया. संयुक्त राष्ट्र संघ की सामान्य सभा द्वारा अनियंत्रित बढ़ती जनसंख्या को रोकने और जागरूकता के उदेश्य से प्रतिवर्ष 11 जुलाई 1987 को विश्व विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का निर्णय लिया गया.


क्यों जरुरी है जनसंख्या वृद्धि को रोकना ?/ Why is it necessary to stop population growth?


जनसंख्या या आबादी किसी भी देश की ताकत मानी जाती है. परन्तु जब जनसंख्या वृद्धि अनियंत्रित हो जाती है तो जनसंख्या विस्पोट हो जाती है, जो किसी भी देश के लिए बुरे दुर्भाग्य का कारण बन सकती है. जब भी किसी देश की जनसँख्या बढ़ जाती है तो उस देश के संसाधनों पर दबाव बढ़ता है, जिसके वजह से महंगाई बढती है.

किसी भी परिवार की सदस्यों की संख्या जीतनी अधिक होगी, उनके भरण पोषण में उतना ही अधिक पारिश्रमिक की आवश्यकता होती है. परिवार में अधिक लोग होने के वजह से, परिवार को कई मुशीबतों का सामना करना पड़ता है. उनके घर का खर्च, दवाओं का खर्च, बच्चो के पढाई का खर्च आदि का भार बढ़ने की वजह से कई सामाजिक तथा आर्थिक हानि होती है. 


विश्व जनसंख्या दिवस पर क्या किया जाता है ?/ What is done on World Population Day?


विश्व जनसंख्या दिवस पर लोगो को बढती अनियंत्रित आबादी और और परिवार नियोजन जैसी मुद्दों को समझाया जाता है. साथ ही जेंडर इक्वलिटी, मां और बच्चे के स्वास्थ्य, जेंडर एजुकेशन, सेक्स एजुकेशन, गर्भनिरोधक दवाओं के इस्तेमाल और सुरक्षात्मक उपाय जैसे कंडोम, भ्रूण हत्या, बाल विवाह आदि गंभीर विषयों पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है.

जागरूकता फ़ैलाने के लिए बहुत से विधियों का उपयोग किया जाता है, जैसे की भाषण, अखबार, किताब, निबंध, लेख, कविता, पोस्टर आदि. लोग एक साथ आते समूह में आते है और रैलिया निकलाते है. सरकार भी विविध टीवी चैनलों के माध्यम से जागरूकता फैलाती है. स्वयं सेवा संगठन और गैर सरकारी संगठन भी जागरूकता फ़ैलाने में अहम् भूमिका निभाते है.


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