भारत के बारे में महत्वपूर्ण तथा रोचक ऐतिहासिक तथ्य

भारत के बारे में महत्वपूर्ण तथा रोचक ऐतिहासिक तथ्य जो शायद आप नहीं जानते| Interesting Geographical Facts about India 


भारत का इतिहास भारत के संस्कृति के तरह ही समृद्ध है. एक और जहाँ भारत का इतिहास शूरवीरो और देशभक्तो से भरा हुआ है, वही दूसरी और यह चालाकी, कूटनीति, युद्ध, और दर्द का गवाही देता है. भारत में कई ऐसी ऐतिहासिक घटनाएं घटित हुई हैं, जिनके बारे में आप शायद नहीं जानते होंगे, जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे. उन्हीं ऐतिहासिक तथ्यों के बारे में हम यहां जानेंगे.  

भारत के इतिहास के बारे में महत्वपूर्ण तथा रोचक ऐतिहासिक तथ्य
भारत के इतिहास के बारे में महत्वपूर्ण तथा रोचक ऐतिहासिक तथ्य


भारत के इतिहास के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथा रोचक ऐतिहासिक तथ्य

भारत का इतिहास और संस्कृति मानव सभ्यता के शुरुआती काल तक जाता हुआ, गतिशील रहा है. यह सिंधु नदी के किनारे और भारत की दक्षिणी भूमि में कृषक समुदायों के साथ एक रहस्यमय संस्कृति से प्रारंभ होता है. प्राचीन समय में, दुनिया भर के लोग भारत आने के इच्छुक थे. ईरानियों और पारसियों के बाद फारसी भारत में आ गए. फिर मुगल आए और वे भी भारत में स्थायी रूप से बस गए. मंगोलियाई चंगेज़ खान ने भारत पर अनेक बार आक्रमण किया और लूटपाट की. महान सिकंदर भी, भारत को जीतने के लेकिन भारत तक आकर वापस लौट गया, यद्यपि लोग इसके पीछे अलग - अलग कारण बताते है. शुरूआती दौर में भारत में कुशल राजा राज्य करते थे. मध्यकालीन भारतीय इतिहास उन तथाकथित स्वदेशी शासकों के अधीन लगभग तीन संपूर्ण सदियों तक चला, जिसमें चालुक्य, पल्लव, पांड्य, राष्ट्रकूट, मुस्लिम शासक और आखिर में मुगल साम्रज्य रहा. 



ऐतिहासिक तथ्य

  • भारत में सभ्यता तथा विकास का दौर 8 हजार वर्ष पहले ही  शुरू हो गया था. जब कई संस्कृतियों में 5000 साल पहले लोग घुमंतू वनवासी थे, तब भारत में सिंधु घाटी (सिंधु घाटी सभ्यता) में हड़प्पा संस्कृति की शुरुआत हो गया था.

  • भारत का अंग्रेजी में नाम ‘इंडिया’ इं‍डस नदी से उत्पन्न हुआ है, जिसके आसपास की घाटी में आरंभिक सभ्‍यताएं निवास करती थीं. आर्य पूजकों में इस इंडस नदी को सिंधु नाम दिया गया था.

  • ईरान से आए आक्रमणकारियों ने सिंधु को हिन्दू की तरह प्रयोग किया. ‘हिंदुस्तान’ नाम सिंधु और हिंदु का संयोजन है, जो कि हिंदुओं की भूमि के संदर्भ में प्रयुक्त होता है.

  • दुनिया का पहला विश्वविद्यालय भारत में शुरू हुआ था, जिसे तक्षशिला विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता था. इसे लगभग 700 ईसा पूर्व स्थापित किया गया था. 

  • नालंदा विश्‍वविद्यालय चौथी शताब्‍दी में स्‍थापित किया गया था, जो शिक्षा के क्षेत्र में प्राचीन भारत की महानतम उपलब्धियों में से एक है. इस विश्वविद्यालय में दुनिया भर से आए 10 हजार छात्र एक साथ रहकर शिक्षा लेते थे. 2,000 शिक्षक उन्हें दीक्षित करते थे. आज यह वैश्विक धरोहर है. यूनेस्को ने नालंदा महाविहार के भग्नावशेष को विश्व धरोहर घोषित किया है.

  • प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय में तीन पुस्तकालय थीं. इनके नाम रत्नसागर, रत्नोदधि व रत्नरंजिता थे. कहा जाता है कि जब विश्वविद्यालय में आग लगायी गयी, तो ये पुस्तकालय महीने तक जलती रही थी. इतना ही नहीं, यह भी माना जाता है कि विज्ञान की खोज से संबंधित पुस्तकें विदेशी लेकर चले गये थे.

  • दुनिया को जितने निकला सिकंदर अपने सेना के साथ भारत पहुंचने के बाद भी बिना लड़े और विजय के वापस लौट गया. कुछ का कहना है कि सिकंदर और उसकी सेना मगध के नंद साम्राज्य की शक्तिशाली सेना से डर गई थी. वही कुछ कहते है की उसकी सेना लड़ते लड़ते बहुत थक चुकी थी और मगध का मार्ग भी इनके लिए आसान नहीं था.  

  • चन्द्रगुप्त मौर्य ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी. चन्द्रगुप्त मौर्य और धनानंद के बीच में जो युद्ध हुआ उसमे चंद्रगुप्त मौर्य ने नंद साम्राज्य के शासन को उखाड़ कर फेंक दिया और मौर्य साम्राज्य की स्थापना की. चंद्रगुप्त मौर्य का जन्म 340 ईसवी पूर्व बिहार के पटना में हुआ था, पटना का पुराना नाम पाटलिपुत्र हुआ करता था. प्राचीन काल में यह मगध राज्य की राजधानी हुआ करती थी.

  • चंद्रगुप्त मौर्य इतने महान और पराक्रमी वीर थे की कहा जाता था चंद्रगुप्त मौर्य ने दो बार सिकंदर के सेनापति सेल्यूकस को बांधकर छोड़ दिया था.

  • चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे 'चाणक्य कौटिल्य'. मुद्राराक्षस के अनुसार चाणक्य का असली नाम 'विष्णुगुप्त' था. भारत पर सिकन्दर के आक्रमण के कारण छोटे-छोटे राज्यों की पराजय से अभिभूत होकर कौटिल्य ने व्यावहारिक राजनीति में प्रवेश करने का संकल्प किया था.

  • चन्द्रगुप्त मौर्य के पौत्रो में से एक सम्राट अशोक थे. मौर्य राजवंश के चक्रवर्ती राजा महान सम्राट अशोक का जन्म ईसापूर्व 304 में हुआ था. अशोक का पूरा नाम देवानांप्रिय अशोक मौर्य था. अशोक के पिता का नाम सम्राट बिन्दुसार तथा माता का नाम रानी धर्मा था. सम्राट अशोक को मिलाकर उनके 101 भाई थे. 

  • सम्राट अशोक अपने पूरे जीवन काल मे एक भी युद्ध में हारे नहीं. कलिंग युद्ध में हुए असंख्य मृत्यु तथा विनाश से सम्राट अशोक के सोच परिवर्तित हो गई और उन्होंने अहिंसा को अपना लिया. महान शासक अशोक ने अपने जीवन में बौद्ध धर्म के विचारो को अपनाया और बौद्ध धर्म के प्रचार – प्रसार पूरे विश्व में किया.

  • अशोक महान राजा होने के साथ ही एक दार्शनिक भी थे. सम्राट अशोक ने अपने जीवन में 20 से अधिक विश्वविद्यालयों की स्थापना की थी. सम्राट अशोक के जीवन में बनाया गया अशोक चिह्न आज भारत का राष्ट्रीय चिह्न कहलाता है.

  • हरियाणा के पानीपत में तीन ऐतिहासिक युद्ध हुआ. पहला युद्ध 1526 में हुआ था, जिसमें बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया था. दूसरा युद्ध 1556 में सम्राट हेम चंद्र विक्रमादित्य और अकबर की सेना के बीच हुई थी, जिसमें अकबर की सेना विजय हुई थी. तीसरा युद्ध 1761 में हुआ था, जिसमें अहमदशाह अब्दाली ने मराठों को परास्त किया था.

  • महाराणा प्रताप का जन्म मेवाड़ में 9 मई 1540 को हुआ था. महाराणा प्रताप का पूरा नाम महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया था. उनको बचपन में कीका के नाम से पुकारा जाता था.  

  • महाराणा प्रताप बहुत ही शूरवीर तथा पराक्रमी थे. उन्होंने कभी मुगल बादशाह अकबर का वर्चश्व स्वीकार नहीं किया. हल्दीघाटी का प्रसिद्ध युद्ध 18 जून 1576 को मुगल बादशाह अकबर और महाराणा प्रताप के बीच लड़ा गया था. 

  • महाराणा प्रताप 7 फीट 5 इंच लम्बी कद तथा वजन 110 किलो से अधिक था. महाराणा प्रताप के भाले का वजन 80 किलो, उनकी दो तलवारें जिनका वजन 208 किलोग्राम, और उसका कवच लगभग 72 किलोग्राम भारी था.

  • भारत में अंग्रेज ( ब्रिटिश )  पहली बार 24 अगस्त 1608 को व्यापार के उद्देश्य से आए थे, और फिर धीरे-धीरे पूरे भारत पर कब्ज़ा कर लिया. 

  • रानी लक्ष्मी बाई का जन्म 19 नवम्बर 1828 को बनारस में हुआ था. उनके बचपन का नाम मणिकर्णिका था और इन्हें प्यार से मनु और छबीली भी बुलाया जाता था. इनका जन्म 19 नवम्बर 1828 को हुआ. 

  • भारत की रानी लक्ष्मी बाई दुनिया की महान महिला शासकों में से एक थी. एक समय था जब एक-एक कर कई राजाओं ने अंग्रेजों के सामने घुटने टेक दिए थे लेकिन झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अपने साहस के दम पर अंग्रेजों को धूल चटाई थी. 

  • भारत में पहले बार आजादी का बिगुल सन 1857 को बजा था. मंगल पांडे द्वारा इसकी शुरुआत की गई थी.

  • भारत के विषय में एक अच्छी शांतिपूर्ण बात ये है कि भारत ने अपने इतिहास में कभी किसी भी देश पर आक्रमण नहीं किया. 

  • भारत ने सदियों पहले से ही गणित के क्षेत्र में कई योगदान दिए हैं. वहीं, कई गणित से जुड़ी शाखाओं की खोज भारत में हुई. इसमें बीजगणित (अल्जेब्रा), त्रिकोणमिति (ट्रिगोनोमेट्री) और कलन (कैलकुलस) शामिल है.

  • शून्य (जीरो) का आविष्कार करने वाले आर्यभट्ट भारत के ही थे. इसके अलावा, दशमलव प्रणाली की शुरुआत भी भारत में ही हुई थी.

  • हमारे देश के महान विद्वान व गणितज्ञ बौधायन ने सबसे पहले पाई के मूल्य की गणना की थी.

  • निश्‍चेतक का उपयोग भारतीय प्राचीन चिकित्‍सा विज्ञान में भली भांति ज्ञात था। शारीरिकी, भ्रूण विज्ञान, पाचन, चयापचय, शरीर क्रिया विज्ञान, इटियोलॉजी, आनुवांशिकी और प्रतिरक्षा विज्ञान आदि विषय भी प्राचीन भारतीय ग्रंथों में पाए जाते हैं.

  • आयुर्वेद विश्व की सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धति है, जिसकी शुरुआत भारत में हुई थी। ऐसा माना जाता है कि महर्षि चरक ने 2500 वर्ष पहले आयुर्वेद की रचना की थी.

  • भारत की ओर से चांद पर कदम रखने वाले पहले भारतीय राकेश शर्मा थे. वह 3 अप्रैल 1984 को चांद पर पहुंचे थे.

  • भारत का पहला राकेट साइकिल पे ले जाया गया था, और आज भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो दुनिया के जाने माने अंतरिक्ष एजेंसियो में से एक है. 

  • शतरंज की खोज भारत में की गई थी.

  • भारत की सबसे पुरानी और सबसे समृद्ध भाषा संस्कृत दुनिया की सभी भाषाओं की जननी है.

  • ऋग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद और सामवेद विश्व के सबसे प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में से एक हैं.

  • विश्‍व का प्रथम ग्रेनाइट मंदिर तमिलनाडु के तंजौर में बृहदेश्‍वर मंदिर है. इस मंदिर के शिखर ग्रेनाइट के 80 टन के टुकड़ों से बने हैं. यह भव्‍य मंदिर राजाराज चोल के राज्‍य के दौरान केवल 5 वर्ष की अवधि में (1004 एडी और 1009 एडी के दौरान) निर्मित किया गया था.

  • सांप सीढ़ी का खेल तेरहवीं शताब्‍दी में कवि संत ज्ञानदेव द्वारा तैयार किया गया था, इसे मूल रूप से मोक्षपट कहते थ. इस खेल में सीढ़ियां वरदानों का प्रतिनिधित्‍व करती थीं, जबकि सांप अवगुणों को दर्शाते थे. इस खेल को कौड़ियों तथा पांसे के साथ खेला जाता था. आगे चल कर इस खेल में कई बदलाव किए गए, परन्‍तु इसका अर्थ वही रहा अर्थात अच्‍छे काम लोगों को स्‍वर्ग की ओर ले जाते हैं, जबकि बुरे काम दोबारा जन्‍म के चक्र में डाल देते हैं.

  • भारत 17वीं शताब्‍दी के आरंभ तक ब्रिटिश राज्‍य आने से पहले सबसे सम्‍पन्‍न देश था. क्रिस्‍टोफर कोलम्‍बस भारत की सम्‍पन्‍नता से आकर्षित होकर ही भारत आने का समुद्री मार्ग खोजने निकला था परन्तु उसने गलती से अमेरिका को खोज लिया. 

  • भारत में सबसे पुराना यूरोपियन चर्च और सिनागोग कोचीन शहर में है। इनका निर्माण क्रमश: 1503 और 1568 में किया गया था.

  • विश्‍व में सबसे बड़ा धार्मिक भवन अंगकोरवाट, का हिन्‍दू मंदिर है, जो कम्‍बोडिया में 11वीं शताब्‍दी के दौरान बनाया गया था.
 
  • तिरुपति शहर में बना विष्‍णु मंदिर 10वीं शताब्‍दी के दौरान बनाया गया था, यह विश्‍व का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है. रोम या मक्‍का धार्मिक स्‍थलों से भी बड़े इस स्‍थान पर प्रतिदिन औसतन 30 हजार श्रद्धालु आते हैं और लगभग 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्रति दिन चढ़ावा आता है.

  • सिख धर्म का उद्भव पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर में हुआ था. यहां प्रसिद्ध स्‍वर्ण मंदिर की स्‍थापना 1577 में गई थी. 

  • युद्ध कलाओं का विकास सबसे पहले भारत में किया गया और ये बौद्ध धर्म प्रचारकों द्वारा पूरे एशिया में फैलाई गई.
 
  • योग कला का उद्भव भारत में हुआ है, और यह 5,000 वर्ष से अधिक समय से मौजूद है.

  • भारत में सबसे प्राचीन यूरोपीय गिरजाघर और आराधनालय कोचीन शहर में हैं. इन्हें क्रमश: 1503 और 1568 में निर्माण करवाया गया था.

  • ताजमहल का निर्माण 1632 ईश्वी में शुरू हुआ था, और 1653 में गुम्बद बनकर तैयार हुआ था .ताजमहल के निर्माण में 22 साल लगे थे. 22,000 से ज्यादा मजदूरों ने ताजमहल के निर्माण में काम किया था. 1,000 हाथियों के जरिए ताजमहल के निर्माण सामग्री को लाया गया था. ताजमहल के निर्माण में उस वक्त 3.2 करोड़ रुपए का खर्च आया था.

  • भास्‍कराचार्य ने खगोलशास्‍त्र के जन्म लेने से कई सौ साल पहले पृथ्‍वी द्वारा सूर्य के चारों ओर चक्‍कर लगाने में लगने वाले सही समय की गणना की थी. उनकी गणना के अनुसार सूर्य की परिक्रमा में पृथ्‍वी को 365.258756484 दिन का समय लगता है.

  • चतुष्‍पद समीकरण का उपयोग 11वीं शताब्‍दी में श्रीधराचार्य द्वारा किया गया था। ग्रीक तथा रोमनों द्वारा उपयोग की गई की सबसे बड़ी संख्‍या 106 थी जबकि हिन्‍दुओं ने 10*53 जितने बड़े अंकों का उपयोग (अर्थात 10 की घात 53), के साथ विशिष्‍ट नाम 5000 बीसी के दौरान किया। आज भी उपयोग की जाने वाली सबसे बड़ी संख्‍या टेरा: 10*12 (10 की घात१२) है.

  • महर्षि सुश्रुत को शल्‍य चिकित्‍सा का जनक माना जाता है। लगभग 2600 वर्ष पहले सुश्रुत और उनके सहयोगियों ने मोतियाबिंद, कृत्रिम अंगों को लगना, शल्‍य क्रिया द्वारा प्रसव, अस्थिभंग जोड़ना, मूत्राशय की पथरी, प्‍लास्टिक सर्जरी और मस्तिष्‍क की शल्‍य क्रियाएं आदि कीं.

  • जैन धर्म और बौद्ध धर्म की स्‍थापना भारत में क्रमश: 600 बीसी और 500 बीसी में हुई थी.






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