The Real Hero Mayur Shelke: जान की परवाह किये बिना, चलती ट्रैन के सामने कूदा और बच्चे को बचाया...

Mayur Shelke: ऐसे होते हैं रियल हीरो- अपनी जान जोखिम में डाल जिसने ट्रेन के नीचे आने से बचाया मासूम बच्चे को... 

मयूर शेलके के पास एक पोशाक या केप नहीं है, लेकिन उन्होंने अपनी साहस और बहादुरी का जो मिशाल पेश किया है वो वाकई काबीले तारीफ़ है. मयूर शेलके, असल जिंदगी के एक रियल हीरो है जिन्होंने फिल्मो के सुपर हीरो की तुलना में अधिक साहस दिखाया. 

The Real Hero Mayur Shelke: जान की परवाह किये बिना, चलती ट्रैन के सामने कूदा और बच्चे को बचाया
The Real Hero Mayur Shelke: जान की परवाह किये बिना,
चलती ट्रैन के सामने कूदा और बच्चे को बचाया...


मध्य रेलवे के मुंबई डिवीजन के एक रेलवे पॉइंट्समैन, मयूर शेलके ने एक बच्चे की जान बचाई, जो वांगनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर चलते समय अपना संतुलन खो बैठा और रेलवे पटरियों पर गिर गया, जबकि एक ट्रेन उसके दिशा में चल रही थी. ट्रैन काफी नजदीक पहुंच चूका था, फिर भी मयूर शेलके ने अपनी जान की परवाह किये बिना चलती ट्रैन के सामने पटरी ( ट्रैक ) पर कूद गए और बच्चे की जान बचाई फिर खुद बाहर आये.


महाराष्ट्र


कई बार कुछै ऐसा हो जाता है जिसे आंखों से देखने पर भी यकीन नहीं होता. रेलवे प्लेटफार्म पर मां अपने छोटे से बच्चे के साथ हाथ पकड़ कर जा रही है. अचानक बच्चे का हाथ मां के हाथ से छूटता है, और वह जाकर रेलवे ट्रैक पर गिर जाता है. मां चिल्लाती है उसका बच्चा ट्रैक पर नीचे से चिल्ला रहा है, और कुछ मीटर की दूरी पर सामने से आ रही ट्रेन. ये देखकर वहां लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. लेकिन कोई भी उस मासूम की मदद करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है, क्योंकि सामने से बेहद तेज रफ्तार ट्रेन आती दिख रही है.


बच्चे की मां आंखें ना होने की वजह से समझ ही नहीं पाती कि हुआ क्या है. वो यहां वहां हाथ मारकर बच्चे को तलाशने की कोशिश करती है, चिल्लाती है. बच्चा ट्रैक से ऊपर प्लैटफॉर्म पर चढ़ने की कोशिश करता है, लेकिन इस बीच ट्रेन आ जाती है और बस पहुंचने वाला ही होता है. ट्रेन कुछ मीटर की दूरी पर है तभी तेज दौड़ लगाता एक शख्स आता है और अपनी जान की परवाह किए बगैर बच्चे को बचा लेता है. यह कोई फिल्मी सीन नहीं था बल्कि हकीकत है. यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई. जी हां और उस शक्श का नाम है मयूर शेलके ( Mayur Shelke ). मयूर ने चीते की रफ्तार से सिर्फ 7 सेकेंड के अंदर बच्चे को प्लैटफॉर्म पर चढ़ाया और खुद भी ऊपर आ गए. मौत कितनी नजदीक थी, लेकिन मयूर ने वो ऐसा साहस, ऐसी दिलेरी दिखाई जो सिर्फ फिल्मी कहानियों में देखने को मिलती है.


The Real Hero Mayur Shelke: जान की परवाह किये बिना, चलती ट्रैन के सामने कूदा और बच्चे को बचाया

एक वीडियो सामने आया है जिसमें यह देखा जा सकता है कि कैसे एक बच्चा जो रेल पटरी पर गिर गया उसे एक रेलकर्मी ( रेलवे पॉइंट्समैन ) ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाया है. अब उसका सम्मान किया जा रहा है.


यह घटना 17 अप्रैल की है. दरअसल वंगानी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर २ पर मां अपने छोटे से बच्चे के साथ हाथ पकड़ कर जा रही है. तभी अचानक बच्चे का हाथ मां के हाथ से छूट जाता है, और वह बगल के ट्रैक पर गिर जाता है. बच्च ट्रैक पर से चिल्लाने लगता है. परन्तु माँ को आँखों से दिखाई नहीं देता और बच्चे को बचाने के लिए इधर उधर हाथ पैर मारती है. मां उसे बचाने की कोशिश करती है लेकिन वह बचाने में असहाय रहती है. मां को कुछ समझ में नहीं आता है. इसी समय कुछ ही फ़ीट की दूरी पर इसी ट्रैक पर ट्रेन आती दिखाई देती है. जबकि एक ट्रेन बच्चे से सिर्फ कुछ ही फीट की दूरी पर थी. तभी शेलके की नजर उसपर पड़ी. एकपल के लिए तो उसे समझ नहीं आया की क्या करे, फिर अचानक से तेजी से वहां पहुंचकर बच्चे को ट्रैक से प्लेटफॉर्म पर रख देता है और खुद भी उपर चढ़ जाता है. तभी ट्रेन वहां से गुजर जाती है. 


ऐसे में अपनी जान की परवाह ना करते हुए मयूर शेळके ने पलक झपकते ही उस बच्चे को बचा लिया, हालांकि ऐसा करते हुए उसकी खुद की जान भी जा सकती थी. मयूर शेलके के पास एक पोशाक या केप नहीं है, लेकिन उन्होंने अपनी साहस और बहादुरी का जो मिशाल पेश किया है वो वाकई काबीले तारीफ़ है. मयूर शेलके, असल जिंदगी के एक रियल हीरो है जिन्होंने फिल्मो के सुपर हीरो की तुलना में अधिक साहस दिखाया. उनके द्वारा बच्चे की जान बचने की किसी भी पुरस्कार या पैसे के साथ उसके कार्य की तुलना नहीं की जा सकती. 


खतरे के बावजूद बचाई बच्चे की जान

ये पूरी घटना सात सेकंड के अंदर हुई और इतने में तेज रफ्तार ट्रेन उस जगह से गुजरी जहां बच्चा दो सेकंड से भी कम समय में गिर गया था. शेल्के ने एएनआई को बताया कि बच्चे की मां नेत्रहीन थी. वह कुछ नहीं कर सकती थी. मैं बच्चे की तरफ दौड़ा, लेकिन यह भी सोचा कि शायद मुझे भी खतरा हो सकता है. फिर भी, मैंने सोचा कि मुझे उसे बचा लेना चाहिए. शेल्के ने कहा कि इसके बाद महिला बहुत भावुक हो गई थी और उसने मुझे बहुत धन्यवाद दिया.


मयूर शेलके की त्वरित सोच और बहादुरी की रेल मंत्री पीयूष गोयल के साथ-साथ अन्य लोगो ने भी सराहना की 

मयूर शेलके द्वारा रेलवे स्टेशन पर एक नेत्रहीन मां के बच्चे की जान बचाने वाले रेलकर्मी मयूर शेलके की हर कोई तारीफ कर रहा है. उन्हें रेलवे के अफसरों ने तो सराहा ही, खुद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने उनसे फोन पर बात की और उनकी पीठ थपथपाई. ना ही सिर्फ रेल मंत्री बल्कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी मयूर से फ़ोन पे बात करके उसे शाबाशी दिया. मयूर ने उस दिन की घटना को याद करते हुए बताया कि एक पल के लिए उन्हें भी ट्रेन को देखकर अपनी जान की फिक्र हुई थी, लेकिन बच्चे को बचाने के लिए उन्होंने पूरी ताकत लगा दी. मयूर ने बताया कि उनके साहस की अब हर कोई सराहना कर रहा है, जिसे लेकर वह काफी खुश हैं.


रेल मंत्री ने बताया प्रेरणादायक 

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस बच्चे के जीवन को बचाने में दिखाए गए साहस पर शेलके से व्यक्तिगत रूप से बात की और उनके कार्य की सराहना की. उन्होंने ट्वीट कर शेलके को पुरस्कृत करने का भी ऐलान किया.

रेल मंत्री पीयूष गोयल (Railway Minister Piyush Goyal) ने भी शेलके की सराहना करते हुए ट्वीट किया: “उनका काम और उनके विचार समाज के लिए और उनके लिए प्रेरणादायक हैं. पूरे रेलवे परिवार को उन पर गर्व है.






Ministry of Railways

रेल मंत्रालय ने भी मयूर की बहादुरी के काम के बारे में ट्वीट किया और उसकी बहादुरी की सराहना की. मंत्रालय ने एक वीडियो भी साझा किया जहां विभाग उनके प्रयासों की सराहना कर रहा था और उसी के लिए सम्मानित किया गया.




Gautam Adani, Chairman of the Adani Group

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने भी अपने ट्विटर हैंडल के जरिए मयूर की बहादुरी को सलाम किया.
“मैं मयूर शेलके की निस्वार्थता और अनुकरणीय वीरता को सलाम करता हूं. महाराष्ट्र के वांगनी स्टेशन पर पटरियों पर गिरे एक बच्चे की जान बचाने के लिए इस रेलवे पॉइंटमैन ने अपनी जान जोखिम में डाल दी. मयूर, आपकी बहादुरी हम सभी को प्रेरित करती है, ”उन्होंने ट्वीट किया.

Anand Mahindra, Chairman of the Mahindra Group

"मयूर शेल्के के पास एक पोशाक या केप नहीं था, लेकिन उन्होंने सबसे बहादुर फिल्म सुपर हीरो की तुलना में अधिक साहस दिखाया. जावा परिवार पर हम सभी उसे सलाम करते हैं. मुश्किल समय में, मयूर ने हमें दिखाया है कि हमें बस अपने आसपास के लोगों के लिए देखना होगा जो हमें एक बेहतर दुनिया की राह दिखाते हैं.”


अभिनेता आर माधवन, आईपीएस अधिकारी स्वाति लकड़ा, आईएएस अधिकारी सुप्रिया साहू, और सद्गुरु सहित अन्य हस्तियों ने शेलके के प्रयासों की सराहना की. 

श्री संजीव मित्तल, महाप्रबंधक, मध्य रेलवे, श्री शलभ गोयल, मुंबई मंडल के मंडल रेल प्रबंधक और अन्य लोगों ने भी उनके साहसी कार्य के लिए शेलके की सराहना की.

मयूर शेलके के साहस को आज पूरी दुनिया सलाम कर रही है. रेलवे के अफसरों ने खास तौर पर सम्मानित किया. अफसरों ने भी कहा कि मयूर ने जो किया वैसी मिसाल कम ही देखने को मिलती हैं.

Central railway: रेलवे कर्मी के जज्बे को सलाम, तेज रफ्तार ट्रेन आती देख ट्रेक पर गिरे बच्चे को बचाया, अब मंत्रालय ने 50,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की

मुंबई के पास वांगनी स्टेशन पर अपनी जान जोखिम में डालते हुए छह साल के बच्चे की जान बचाने वाले रेलवे के प्वाइंट्समैन मयूर शेलके (Mayur Shelke) को रेल मंत्रालय (Railway Ministry) ने 50,000 रुपये का पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है. रेलवे बोर्ड के प्रधान कार्यकारी निदेशक ने मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर शेलके को इनाम दिये जाने की जानकारी दी है. पत्र में कहा गया है, ''शेलके ने अपनी जान की परवाह किये बगैर चलती ट्रेन के सामने पड़े बच्चे को सुरक्षित बचा लिया.' इसके अलावा मध्य रेलवे के कर्मचारियों ने शेल्के के प्रयासों का सम्मान करते हुए उन्हें मंगलवार दोपहर को सम्मानित किया. 




यह भी पढ़े 


आखिर क्या है - 1 Bharat Shreshtha Bharat | Atmanirbhar Bharat


Gudi Padwa: गुड़ी पड़वा क्यों मनाया जाता है, गुड़ी पड़वा मनाने का कारण


क्या है एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना 


होली क्यों मनाई जाती है | why holi is celebrated | होली के बारे में रोचक कहानियां 


इलेक्ट्रिक गाड़ियां बदल देगी भारत का भविष्य ! | भारत में इलेक्ट्रिक कारों का भविष्य...


चैत्र नवरात्रि फोटो, Images, Quotes, WhatsApp Messenges

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने